ग्राम सभा द्वारा ग्राम वन अधिकार समिति का गठन करना तथा सामूहिक संसाधनों की पुष्टि करना/को निश्चित करना।
ग्रामसेवक द्वारा गठित ग्राम वन अधिकार समिति का नाम महावनमित्र प्रणाली में दर्ज कराना।
ग्राम वन अधिकार समिति तथा व्यक्तिगत हकदारों ने अपने अपने वन अधिकार से जुडे मामलों को ऑनलाइन पद्धति से दर्ज कराना।
मा.तहसीलदार के द्वारा ग्राम पंचायत-वार वन अधिकार समिति में पंजीकृत मामलों के लिए सत्यापन सभा का आयोजन किया जाना।
योजनाबद्ध कार्यक्रम के अनुसार सम्बंधित अधिकारी तथा ग्राम वन अधिकार समिति द्वारा प्रत्यक्ष जगह/स्थान की/का जांच/मुआयना की/किया जाना, मोबाईल ॲप द्वारा जमीन की नपाई करना और आवेदन तथा सबूतों का सत्यापन करना।
ग्राम वन अधिकार समिति द्वारा सत्यापन के लिए उपस्थित लोगों की उपस्थिति दर्ज करना और मामलों से संबंधित सत्यापन का निष्कर्ष प्रस्तुत/पेश करना।
ग्रामसभा का आयोजन करके सत्यापित किए गए सामुदायिक तथा व्यक्तिगत वन अधिकार मामलों के संदर्भ में ग्राम सभा प्रस्ताव पारित करना।
ग्राम वन अधिकार समिति तथा व्यक्तिगत हकदारों के द्वारा नजदीकी शासनमान्य संगणक सेवा केंद्र से अपने अपने मामलों के लिए आवश्यक दस्तावेजों को स्कॅन कराके मामलों को दर्ज किया जाना।
उपखंड स्तर की वन अधिकार समिति द्वारा संयुक्त रूप से बैठक लेकर दर्ज किए गए मामलों की छान बीन करना एवं मामलों से संबंधित सिफारिश दर्ज करना।
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ज़िला स्तर की वन अधिकार समिति द्वारा संयुक्त रूप से बैठक लेकर उपखंड स्तर की वन अधिकार समिति द्वारा सिफारिश किए गए मामलों पर अंतिम निर्णय लेना।
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वन अधिकार मान्यताप्राप्त हकदारों को वन अधिकार अभिलेख/प्रमाणपत्र ऑनलाईन पद्धति से वितरित करना।